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किसान और गधे की कहानी | Kisan Aur Gadhe Ki Kahani 

किसान और गधे की कहानी (Kisan Aur Gadhe Ki Kahani) इस पोस्ट में हम शेयर कर रहे हैं। Farmer And Donkey Story In Hindi एक किसान और उसके गधे के भावनात्मक जुड़ाव की कहानी है। पढ़िए :

Kisan Aur Gadhe Ki Kahani

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Kisan Aur Gadhe Ki Kahani

किसी छोटे गाँव में एक किसान रहता था। उसका नाम रामू था। रामू के पास एक गधा था, जिसका नाम हीरा था। हीरा गाँव में बहुत मशहूर था, क्योंकि वह बहुत मेहनती और ईमानदार था। रामू और हीरा एक-दूसरे के अच्छे दोस्त थे और दोनों का जीवन एक-दूसरे पर निर्भर था।

रामू का जीवन खेतों में काम करने और फसल उगाने में व्यस्त रहता था। वह दिन-रात मेहनत करता था, ताकि वह अपने परिवार का पालन-पोषण कर सके। हीरा उसकी हर काम में मदद करता था। वह भारी सामान उठाने, खेतों में पानी ले जाने और अनाज की बोरियां बाजार तक पहुँचाने में रामू का साथ देता था।

एक दिन रामू ने अपने खेत में बहुत मेहनत से गेहूँ की फसल उगाई। जब फसल तैयार हो गई, तो उसने उसे काटकर अनाज की बोरियों में भर लिया। अब बोरियों को बाजार ले जाने का समय आ गया था। रामू ने हीरा के ऊपर बोरियां लाद दीं और वे दोनों बाजार की ओर चल पड़े।

रास्ते में एक नदी पड़ती थी। नदी का पानी थोड़ा गहरा था और उसे पार करना चुनौतीपूर्ण था। रामू ने सोचा कि वह पहले खुद नदी पार करेगा और फिर हीरा को नदी पार करवाएगा। रामू ने धीरे-धीरे नदी पार की और दूसरी तरफ पहुँच गया। अब हीरा की बारी थी। हीरा को नदी पार करने में डर लग रहा था, लेकिन उसने रामू की बात मानी और धीरे-धीरे नदी में कदम रखा।

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हीरा ने जब नदी में कदम रखा, तो उसे पानी की ठंडक महसूस हुई। लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और धीरे-धीरे आगे बढ़ता गया। नदी के बीच में पहुँचते ही उसका संतुलन बिगड़ गया और वह गिरने लगा। लेकिन हीरा ने अपने आप को संभाला और अपने मालिक की ओर देखा। रामू ने हीरा को हौसला दिया और कहा, “डरो मत हीरा, मैं तुम्हारे साथ हूँ। बस थोड़ी और मेहनत करो, हम नदी पार कर लेंगे।”

हीरा ने अपने मालिक की बात सुनी और पूरी ताकत लगाकर नदी पार करने लगा। आखिरकार, हीरा ने नदी पार कर ली। रामू ने हीरा की पीठ थपथपाई और कहा, “तुम्हारी मेहनत और साहस ने हमें यह मुश्किल पार करवा दी। अब हम बाजार पहुँचकर अपने अनाज को बेच सकते हैं।”

रामू और हीरा बाजार पहुँचे और उन्होंने अपना अनाज बेचा। अनाज बेचने के बाद उन्हें अच्छा मुनाफा हुआ। रामू बहुत खुश हुआ और उसने हीरा को अच्छे से खिलाया-पिलाया। दोनों ने एक साथ अपने मेहनत के फल का आनंद लिया।

कुछ दिनों बाद गाँव में एक सूखा पड़ गया। सूखे के कारण खेतों में पानी की कमी हो गई और फसलों का उत्पादन घटने लगा। रामू को चिंता होने लगी कि इस बार की फसल कैसे होगी और वह अपने परिवार का पेट कैसे भरेगा। हीरा ने रामू की चिंता को समझा और उसने रामू के साथ खेतों में और भी ज्यादा मेहनत करनी शुरू कर दी।

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हीरा और रामू ने दिन-रात मेहनत की और किसी तरह से फसल उगाने में सफल हुए। उन्होंने अपने खेतों में सूखा-सहकारी फसलें उगाईं और पानी की बचत करने वाले तरीकों का उपयोग किया। हीरा ने पानी के बर्तन गाँव के कुएँ से भरकर खेतों में पहुँचाए और रामू ने उन बर्तनों से फसल को सींचा।

उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने इस बार भी अच्छा उत्पादन किया। गाँव के बाकी किसान उनकी मेहनत और लगन देखकर प्रेरित हुए और उन्होंने भी रामू और हीरा के तरीके अपनाने शुरू किए। धीरे-धीरे गाँव में फिर से खुशहाली लौट आई और सबके खेतों में हरी-भरी फसलें उगने लगीं।

एक दिन गाँव में एक व्यापारी आया। वह गाँव के किसानों से उनकी फसलें खरीदने आया था। व्यापारी ने रामू की फसल देखी और उसकी गुणवत्ता से प्रभावित हुआ। उसने रामू को उसकी फसल का अच्छा दाम देने का वादा किया। रामू ने सोचा कि अगर वह अपनी फसल अच्छे दामों में बेचेगा, तो वह और भी बेहतर जीवन जी सकेगा और हीरा की देखभाल भी अच्छी तरह से कर सकेगा।

रामू ने अपनी फसल व्यापारी को बेच दी और उसे अच्छा मुनाफा हुआ। उसने उस मुनाफे से हीरा के लिए नया और मजबूत सामान खरीदा, जिससे हीरा और भी आराम से काम कर सके। रामू ने हीरा को प्यार से गले लगाया और कहा, “तुम्हारे बिना मेरी मेहनत सफल नहीं हो पाती। तुम मेरे सबसे अच्छे साथी हो।”

हीरा ने भी रामू की बात समझी और खुशी से अपनी पूंछ हिलाई। दोनों ने एक साथ अपनी मेहनत का आनंद लिया और रामू ने सोचा कि वह अपने जीवन में जो कुछ भी करता है, उसमें हीरा का बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने एक-दूसरे के साथ मिलकर अपने जीवन को खुशहाल बनाने की कसम खाई और हमेशा एक-दूसरे के साथ खड़े रहे।

वर्षों बीतते गए और रामू और हीरा ने अपने मेहनत और ईमानदारी से गाँव में अपनी एक अलग पहचान बनाई। गाँव के लोग उनकी जोड़ी को आदर्श मानने लगे और उनसे प्रेरणा लेने लगे। रामू और हीरा ने अपनी मेहनत और साहस से यह साबित कर दिया कि अगर दिल में सच्ची लगन हो और मेहनत करने का जज्बा हो, तो कोई भी मुश्किल रास्ता पार किया जा सकता है।

सीख (Moral Of Farmer And Donkey Story In Hindi)

सच्ची मित्रता, मेहनत और ईमानदारी से हम किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं और अपने जीवन को खुशहाल बना सकते हैं। उनकी यह कहानी आज भी गाँव के लोगों को प्रेरित करती है और उन्हें यह याद दिलाती है कि मेहनत और सच्चाई से ही जीवन में सफलता पाई जा सकती है।

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